10 गोल्डन रूल – स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट कैसे करें

 

मौजूदा दौर में यदि ज्यादा धन कमाने की बात की जाए तो जहन में स्टॉक मार्केट का ध्यान आता है. लेकिन इक्विटीज़ से रुपया कमाना इतना आसान भी नहीं है. इसमें न केवल धैर्य और अनुशासन की जरूरत होती है बल्कि व्यवस्थित रिसर्च और मार्केट्स के इंटरनल और एक्सटरनल रुख को समझने के हुनर की भी इसमें अनिवार्यता है. इन सभी काबिलियत की जरूरत इसलिए जरूरी है क्योंकि पिछले कुछ समय के दौरान मार्केट्स में व्याप्त अस्थिरता के कारण इन्वेस्टर्स को असमंजस की स्थिति में देखा गया है. अकुशलता के कारण इन्वेस्टर्स को इस पशोपेश में देखा गया कि इन्वेस्ट किया जाए, होल्ड किया जाए या फिर बेच दिया जाए. हालांकि स्टॉक मार्केट्स से सौ फीसदी प्रॉफिटेबल रिटर्न के बारे में अभी तक कोई श्योर-शॉट फॉर्मूला तो नहीं बना है लेकिन सतत अनुभव से कुछ रूल जरूर सामने आए हैं जिन पर अमल करके लाभ की संभावना को प्रबल किया जा सकता है. Stock and Commodity market advisory के अनुसार वो गोल्डन रूल हैं-

  • झुंड का हिस्सा बनने से बचें– अधिकतर देखा गया है कि इन्वेस्टर्स का ट्रेडिंग डिसीज़न अपने परिचितों, पड़ोसियों और नातेदारों के निर्णय से प्रभावित होता है. यह मानवीय वृत्ति भी है कि समूह के निर्णय से परे खुद का निर्णय लेने में व्यक्ति असमंजस की स्थिति में होता है. यदि ज्यादालोग किसी स्टॉक विशेष में इन्वेस्ट कर रहे हों तो सामान्य इन्वेस्टर्स भी ऐसे ही स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने का कदम उठाते हैं. लेकिन लंबी रेस में यह स्थिति आपको पीछे हटने के लिए विवश कर देगी. यदि आप अपनी मनी को स्टॉक मार्केट में गंवाने से बचाना चाहते हैं तो पहला गोल्डन रूल फॉलो करें यानी झुंड के निर्णय से बचें. दुनिया के महान इन्वेस्टर्स में शुमार वारेन बुफेट का इस बारे में कहना भी है,‘भयभीत रहें जब दूसरों लालची हों, और लालची हो जाएं जब अन्य भयभीत हों.’
  • सूचना पर ही लें निर्णय– इन्वेस्ट करने से पहले स्टॉक के बारे में रिसर्च करना दूसरा गोल्डन रूल माना गया है. लेकिन इन्वेस्टर्स ऐसा रेयरली ही करते हैं. सामान्य इन्वेस्टर्स सिर्फ कंपनी के नेम-फेम के फेर में उलझ जाता है और गलत समय पर गलत इन्वेस्ट कर डालता है. तो इन्वेस्ट करने से पहले करें रिसर्च में पड़ताल,तभी प्रॉफिटेबल रिटर्न आपको करेगा खुशहाल.

स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट कैसे करें

  • बिजनेस में इन्वेस्ट करें जिसे आप समझते हों– स्टॉक में इन्वेस्ट करने के बजाए बिज़नेस जिसे आप समझते हों में इन्वेस्ट करें. अलग शब्दों में कहा जाए तो कंपनी में इन्वेस्ट करने से पहले आपको समझना होगा कि कंपनी किस बिजनेस में रत (संलग्न) है.
  • मार्केट को न दें समय– वारेन बुफेट एक बात और है जो नहीं करते और वो है स्टॉक मार्केट को समय देना. हालांकि इंडिविज़ुअल शेयर्स के बारे में उनका उपयुक्त प्राईज़ लेवल को लेकर खुद का मजबूत नजरिया भी होता है. जबकि इन्वेस्टर्स का एक वर्ग इसके विपरीत डिसीजन लेता है. क्योंकि वित्तीय प्लानर्स के टालने की सलाह पर अमल करने के चक्कर में इन्वेस्टर्स समय गंवा बैठता है और प्रोसेस में गाढ़ी कमाई खो बैठते हैं. तो आपको मार्केट को वक्त देने की कभी कोशिश नहीं करना है. हकीकत में कोई भी इसे मल्टिपल बिजनेस और स्टॉक मार्केट सायकल्स में अभी तक सफलतापूर्वक और लगातार नहीं कर पाया है. यह सत्य था, है और रहेगा.
  • इन्वेस्टमेंट में अनुशासन को दें वरीयता– इतिहास गवाह है कि,कई तनाव भरे पलों में भी कई बार ग्रेट बुल रन देखने को मिली है. मार्केट में अस्थिरता होने पर इन्वेस्टर्स की मनी डूबने की आशंका प्रबल रहती है बजाए ग्रेट बुल रन. लेकिन फिर भी ऐसे इन्वेस्टर्स जिन्होंने व्यवस्थित तरीके से सही शेयर्स में मनी को लगाया है और धैर्य के साथ प्रतीक्षारत थे उन्हें आउट स्टैंडिंग रिटर्न भी हासिल हुआ है. अतः बजाए लंबे समय पर कल्पना आधारित सोच रखने के विवेकी बनें, धैर्य न खोयें और अनुशासित इन्वेस्टमेंट अप्रोच रखें.
  • अपने निर्णय को भावनाओं से बचाएं– अधिकतर इन्वेस्टर्स अपने इमोशंस (मनोभावनाओं) खासकर भय और लालच पर लगाम न कस पाने के कारण स्टॉक मार्केट में अपनी मनी को गंवा बैठते हैं. स्टॉक मार्केट में क्विक वेल्थ के प्रलोभन से बच पाना कठिन होता है. देखने में आया है कि किसी स्टॉक विशेष में मार्केट में बहुत कम समय में लाभदायी रिटर्न की खबरों के लालच में आकर इन्वेस्टर्स उस स्टॉक के फ्यूचर सेगमेंट और इन्वॉल्व्ड रिस्क की पड़ताल करे बगैर मनी इन्वेस्ट कर देते हैं. तो साफ है कि,इन्वेस्टमेंट में आपकी मनोभावना ट्रेडिंग के लिए रिस्की हो सकती है.
  • ब्रॉड पोर्टफोलियो बनाएं– एसेट क्लासेस (परिसंपत्ति वर्ग) और इंस्ट्रूमेंट्स में पोर्टफोलियो की विविधता कम रिस्क पर अधिकतम प्रॉफिटेबल रिटर्न के लिए मुख्य कारक के तौर पर काम करती है.पोर्टफोलियो में कितने लेवल रखे जाएं यह प्रत्येक इन्वेस्टर की रिस्क उठाने की क्षमता पर तय करता है.
  • कल्पना लोक नहीं यथार्थ में रहें– अपने इन्वेस्टमेंट से सर्वोत्तम रिज़ल्ट की उम्मीद करना गलत नहीं लेकिन यदि आपके फाईनेंसिअल गोल वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं तो आप परेशानी में भी पड़ सकते हैं. उदाहरण के तौर पर हाल ही के दिनों में ग्रेट बुल रन के दौरान बहुत से स्टॉक्स को 50 फीसदी से अधिक रिटर्न जनरेट करते देखा गया. लेकिन आप स्टॉक मार्केट्स से हमेशा इसी तरह के रिटर्न की उम्मीद नहीं कर सकते. एक्सपर्ट्स की भी राय है स्टॉक में 12 फीसदी से अधिक अर्निंग एक तरीक से बेवकूफ भाग्य की तरह है, निश्चित ही आप अपने लिए मुसीबतों को आमंत्रण दे रहे हैं.
  • सिर्फ सरप्लस फंड्स में इन्वेस्ट करें– यदि आप अस्थिर मार्केट में रिस्क उठा सकते हैं तो पड़ताल करें कि आपके पास ऐसे कौन से सरप्लस फंड्स हैं जिन्हें खोना आप बर्दाश्त कर सकते हैं. यह जरूरी नहीं है कि आप अस्थिर मार्केट्स में हानि ही उठाएं, आप आगामी समय में बड़ा रिटर्न भी हासिल कर सकते हैं. लेकिन कोई भी इस बारे में शत-प्रतिशत नहीं कह सकता है. तब आप क्यों रिस्क उठाते हैं. यदि आप सरप्लस फंड्स के साथ इन्वेस्ट करने में सक्षम हों तो तब ही इन्वेस्ट करें.
  • सतत निगरानी– वसुधैव कुटुंबकम के इस युग में दुनिया के किसी भी कोने में होने वाला उलट फेर सबसे ज्यादा अर्थव्यवस्था के साथ ही फाईनेंसिअल मार्केट्स को प्रभावित करता है. तो हमें हमारे पोर्टफोलियो पर सतत नजर रखते हुए आवश्यक होने पर जरूरी संशोधन तत्काल कर लेने चाहिए. यदि आप जानकारी या समय के अभाव के चलते अपना पोर्टफोलियो अपडेट नहीं कर पाते तो आपको जानकार और एक्सपर्ट फाईनेंसिअल प्लानर की मदद लेना चाहिए. यदि आप ऐसा नहीं करते तो स्टॉक इन्वेस्टमेंट आपके लिए नहीं है. बेहतर है आप गोल्डन रूल नंबर-10 फॉलो करें और सेफ या लेस-रिस्क इंस्ट्रूमेंट्स के साथ इन्वेस्टमेंट करें.

For Stock and Commodity Market Updates, Stock tips hindiCommodity tips hindi with BazaarTrading follow us on Twitter @bazaartrading and Like on Facebook @bazaartrading.in.

This article is for general information purposes only. It is not investment advice or a solution to buy or sell securities. Opinions are the authors; not necessarily that of Bazaartrading.in or any of its affiliates, subsidiaries, officers or directors. Leveraged trading is high risk and not suitable for all. You could lose all of your deposited funds.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *